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Wednesday, January 21, 2026

उच्च शिक्षा सचिव ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2024 के सातवें संस्करण का उद्घाटन किया

इंडियाउच्च शिक्षा सचिव ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2024 के सातवें संस्करण का उद्घाटन किया

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के. संजय मूर्ति ने आज गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2024 के सातवें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम और उपाध्यक्ष डॉ. अभय जेरे भी उपस्थित थे।

नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा छात्रों की भागीदारी से

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन, जिसे शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) और एआईसीटीई द्वारा आयोजित किया जाता है, दुनिया का सबसे बड़ा ओपन इनोवेशन मॉडल है। इस साल के संस्करण में 20 केंद्रीय मंत्रालयों, 5 राज्य सरकारों, 3 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और 3 निजी संगठनों ने 202 प्रॉब्लम स्टेटमेंट प्रस्तुत की हैं। छात्र इन समस्याओं पर अपने आइडिया सबमिट करेंगे, जिससे खुले नवाचार मॉडल के महत्व को बल मिलेगा और देश की प्रमुख चुनौतियों का समाधान हो सकेगा।

12 सितंबर तक पंजीकरण की अंतिम तिथि

गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड इस वर्ष के संस्करण का प्रमुख प्रायोजक है। देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए पंजीकरण और आइडिया प्रस्तुत करने के लिए पोर्टल अब खुला है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 12 सितंबर, 2024 है। इच्छुक छात्र आधिकारिक वेबसाइट: www.sih.gov.in पर पंजीकरण कर सकते हैं।

एनईपी 2020 के लक्ष्यों की दिशा में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का योगदान

अपने संबोधन में, के. संजय मूर्ति ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया। उन्होंने अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने और उद्योग व अकादमिक सहयोग को मजबूत करने में हैकाथॉन के योगदान की बात की। मूर्ति ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे ऐसे अभिनव समाधान विकसित करें जो अधिक टिकाऊ हों और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायक हों।

युवाओं के सशक्तिकरण के लिए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का महत्व

एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन को युवाओं के सशक्तिकरण और नवाचार के लिए एक शक्तिशाली मंच बताया। उन्होंने छात्रों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया ताकि वे अपनी रचनात्मकता को बढ़ा सकें और विकसित भारत की दिशा में सक्रिय योगदान दे सकें।

एआईसीटीई के उपाध्यक्ष डॉ. अभय जेरे ने वर्ष 2017 में शुरू हुए एसआईएच की यात्रा पर प्रकाश डाला, जो आज दुनिया के सबसे बड़े खुले नवाचार मंच के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि एसआईएच कैसे छात्रों में उद्यमिता की मानसिकता को प्रोत्साहित कर रहा है और देश भर में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है।

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