केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भोपाल में एक दीक्षांत समारोह के दौरान कहा कि देश को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई लोग सवाल उठाते हैं कि देश में इतने सारे टैक्स क्यों हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद टैक्स दरों को शून्य पर लाना चाहती हैं, लेकिन देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए फंड की आवश्यकता है।
सीतारमण ने कहा कि हम इस बात का इंतजार नहीं कर सकते कि अन्य देश हमें आर्थिक सहायता दें, इसलिए हमें खुद अपने संसाधनों का उपयोग करना पड़ता है, जिसके लिए काफी धन की आवश्यकता होती है।
यह बातें केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को भोपाल में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) के 11वें दीक्षांत समारोह के दौरान कही। इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद थे। इस अवसर पर सीतारमण ने IISER परिसर में शैक्षणिक भवन और व्याख्यान कक्ष का शिलान्यास किया और 442 शोधार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं।
दीक्षांत समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों और शोधार्थियों को भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत के एडवांस केमिस्ट्री और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ते स्कोप पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोलर एनर्जी को स्टोर करने की क्षमता बढ़ रही है और थर्मल पावर से भी एनर्जी का उत्पादन हो रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ विज्ञान में नए प्रयोग करने की आवश्यकता है।
सीतारमण ने यह भी उल्लेख किया कि IISER ने अब तक 3,000 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और संस्थान के छात्रों ने 8 से 9 पेटेंट भी हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के साथ रिसर्च को और बढ़ावा देने की जरूरत है, खासकर डेटा साइंस के क्षेत्र में।
समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कहा कि ज्ञान के आधार पर हमारी भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एकमात्र राज्य है जहां तीन ट्रिपल आईटी संस्थान हैं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने प्रदेश में छह ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज के गठन की भी जानकारी दी।
समारोह में IISER के डायरेक्टर प्रोफेसर गोवर्धन दास ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि संस्थान में 37 फीसदी छात्राएं हैं और यहां से 3,000 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए हैं। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने इस मौके को ऐतिहासिक बताया और सभी छात्र-छात्राओं और स्टाफ को भारतीय परिधान में देखने पर गर्व व्यक्त किया।

