12 राज्यों में कृषि सखी कार्यक्रम की शुरुआत
देश के 12 राज्यों में कृषि सखी कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, झारखंड, मेघालय, राजस्थान, और महाराष्ट्र में फिलहाल यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस संकल्प के तहत एक करोड़ लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय मिलकर इस कार्यक्रम को चलाएंगे। दोनों मंत्रालयों ने एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया है।
पीएम मोदी का 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का संकल्प
कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का संकल्प है। इस संकल्प के तहत अब तक एक करोड़ लखपति दीदी बन चुकी हैं और 2 करोड़ और लखपति दीदी बनानी हैं। किसानों की सहायता के लिए ग्रामीण इलाके की बहनों को प्रशिक्षण देकर कृषि सखी तैयार किया जा रहा है। ये महिलाएं खेती में अलग-अलग कामों के माध्यम से किसानों का सहयोग कर सालाना 60-80 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित करने में सक्षम होंगी। कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए और उनके कौशल को बढ़ावा देने के लिए कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 30 अगस्त 2023 को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। कृषि सखी सर्टिफिकेशन कार्यक्रम इस समझौता ज्ञापन के तहत एक महत्वाकांक्षी पहल है।
कृषि सखियों को दिया जाता है व्यापक प्रशिक्षण
कृषि सखी कार्यक्रम के तहत अब तक 34,000 से अधिक महिलाओं को पैरा-एक्सटेंशन वर्कर के रूप में प्रमाणित किया जा चुका है। इन्हें कृषि पैरा-विस्तार कार्यकर्ताओं के रूप में इसलिए चुना जाता है क्योंकि वे गांव की ही होती हैं और खेती की जानकारी रखती हैं। कृषि सखियों को विभिन्न कृषि पद्धतियों के बारे में व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे साथी किसानों को प्रभावी ढंग से सहायता और मार्गदर्शन देने के लिए अच्छी तरह से तैयार होती हैं।
70,000 कृषि सखियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य
कृषि सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक साल पहले दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू किया गया था। इसके तहत 70,000 कृषि सखियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 34,000 सखियां प्रमाण पत्र लेकर काम शुरू कर चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून को वाराणसी दौरे पर हैं और 30,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम में देश भर से लगभग 2.5 करोड़ किसान शामिल हो रहे हैं।
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