मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा है कि भारत की जी- 20 प्राथमिकताएं /बहुपक्षवाद पर ध्यान केंद्रित करती हैं
21वीं सदी की कई चुनौतियों से निपटने के लिए जवाबदेह, समावेशी, न्यायसंगत और प्रतिनिधि मंच के लिए हैं।डा. पवार ने गोवा में जी- 20 की स्वास्थ्य कार्य समूह की दूसरी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता का विषय ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ उद्देश्य की एकता और कार्य की जरूरत को दर्शाता है।
भारत कोविड टीके के लिए समान पहुंच, निदान, रोग चिकित्सा के साथ लचीली स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति प्रणालियों की दिशा में चल रही योजनाओं को समावेशी बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है।
“वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रहे विचार-विमर्श की गति का लाभ उठाने की आवश्यकता है और सहयोगी निगरानी, सामुदायिक सुरक्षा, चिकित्सा के उपायों तक पहुंच एवं आपातकालीन तालमेल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने की भी आवश्यकता है” उन्होंने कहा।
उन्होंने ने कहा कि अगली स्वास्थ्य आपात स्थिति के संबंध में कुछ नहीं जा सकता। इसके लिए सुधारों की प्रतीक्षा भी नहीं की जा सकती है।
डॉ. पवार ने वैश्विक प्रतिचिकित्सा समन्वय मंच के साथ-साथ भविष्य के स्वास्थ्य आपातकालीन प्रबंधन, अनुसंधान एवं विकास नेटवर्क वैक्सीन के विनिर्माण और रोग चिकित्सा के साथ-साथ निर्माण पर आम सहमति विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
बैठक में केंद्रीय पर्यटन, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री श्रीपद नाइक, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ.वी.के पॉल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और जी- 20 सदस्य देशों, विशेष आमंत्रित देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, मंचों के अन्य प्रतिनिधि तथा भागीदार उपस्थित रहे।
श्री भूषण ने महामारी के जोखिमों को कम करने के लिए ‘एक स्वास्थ्य’ दृष्टिकोण के माध्यम से विगत की तुलना में स्वास्थ्य प्रणालियों में बहुत अधिक निवेश करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने वैक्सीन और रोग चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करके कोविड-19 की रोकथाम और नियंत्रण को जारी रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।

