चलने-फिरने में असमर्थ लोगों की इज्जत और सुविधा को ध्यान में रखते हुए गैर लाभकारी संगठन ‘स्वयं’ ने एनएचएफडीसी के साथ एएफटी के प्रसार में सहयोग के लिए एक विशेष साझेदारी की है।
इसके तहत कॉर्पोरेशन जरूरतमंदों को विशेष सुविधावाले शौचालियों के निर्माण के लिए आसान शर्तों कर्ज सुलभ कराएगा और स्वयं इसमें सहयोग देगा।
इस साझेदारी की घोषणा के मौके पर जिंदल समूह की अध्यक्ष सावित्री देवी जिंदल, स्वयं फाउंडेशन की संस्थापक-अध्यक्ष एवं जिंदल साव लि की प्रबंधक निदेशक स्मिनु जिंदल, केन्द्रीय समाज कल्याण विभाग के सचिव (दिव्यांगजन) राजेश अग्रवाल, एनएचएफडीसी फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ डी एन शर्मा और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
इस अवसर पर सामान्य रूप से चलने-फिरने में असक्षम लोगों की चुनौतियों को लेकर अभिगम्यता जागरुकता फैलाने के लिए जागरुकता सप्ताह मनाने की भी शुरुआत की गयी।
सुश्री स्मिनू जिंदल ने इस अवसर पर कहा, “ सुगम्य पारिवारिक शौचालय हर किसी का निजी अधिकार है, हम भारत सरकार से गु़ज़ारिश करते हैं कि अगले साल 27 मार्च को ‘वर्ल्ड एक्सेसिबिलिटी डे’ के तौर पर मनाया जाए।
हमने देखा है कि लोग सुगम्य पारिवारिक शौचालय के निर्माण के लिए अपनी बचत में से और ग़ैर-सब्सिडी कर्ज से प्राप्त पैसे ख़र्च करने में तनिक भी विचार नहीं करते हैं। एनएचएफडीसी के साथ साझेदारी से हम और भी प्रभावी ढंग से परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य कर सकेंगे जिससे भारत में तेज़ी से सकारात्मक बदलाव लाना संभव हो सकेगा। ”
श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा, “ सरकार कम गतिशीलता वाले लोगों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए सकारात्मक प्रभाव और सामाजिक न्याय लाने के लिए प्रतिबद्ध है। कम गतिशीलता वाले लोगों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए इस तरह की मजबूत और निस्वार्थ पहल करने के लिए हमें सुश्री स्मिनु जिंदल जी और स्वयं फाउंडेशन द्वारा किए गए कार्यों पर गर्व है।
सरकार और एनजीओ के एक साथ आने से सुलभता के मुद्दों को हल करने की दिशा में अधिक से अधिक जागरुकता और रचनात्मक कदम सुनिश्चित होंगे। ”
गौरतलब है कि सामाजिक संगठन के तौर पर स्वयं दो दशक से भी ज़्यादा समय से सामान्य रूप से चलने-फिरने में असक्षम लोगों के मान-सम्मान और सर्वसमावेशी वातावरण के निर्माण पर ज़ोर देता रहा है।
सुगम्य पारिवारिक शौचालय के माध्यम से स्वयं ने पिछले चार सालों में 13 राज्यों, आठ केंद्र शासित प्रदेशों और देशभर के 102 जिलों में सुगम्य पारिवारिक शौचालयों के बारे में जागरुकता फ़ैलाने में अहम भूमिका निभाई है।

