कांग्रेस ने कहा है कि रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और घरेलू रसोई गैस सिलिंडर 1100 तथा कमर्शियल सिलिंडर 2100 रुपये के पार हो गया है।
जिससे जन सामान्य का त्योहारों पर घर पर पकवान बनाना या बाहर से बना हुआ खरीद कर लाना दूभर हो गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव बल्लभ ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 तक रसोई गैस के दाम नियंत्रण में रखें लेकिन उसके बाद केंद्र सरकार ने कमाई के चक्कर में उस पर दी जाने वाली सब्सिडी हटा दी इसलिए रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं और लोगों का जीवन कठिन हो गया है।
महंगाई पर नारा देते हुए उन्होंने कहा “नहीं चाहिए ऐसी मोदी सरकार जो करे रसोई गैस सिलिंडर 1100 और कॉमर्शियल गैस सिलिंडर 2100 रुपये के पार।” उनका कहना था कि आखिर लगातार बढ़ रहे रसोई गैस सिलिंडरों की कीमत कहां जाकर रुकेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि आखिर 2014 तक ऐसा क्या था कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने रसोई गैस सिलिंडर को 400 रुपये से आगे नहीं जाने दिया।
इसकी वजह बताए हुए उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में चलने वाली सरकार ने अपने कार्यकाल में रसोई गैस सिलिंडर के लिए दो लाख 14000 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी थी लेकिन मोदी सरकार में सिलिंडर का महंगा होना स्वाभाविक था क्योंकि 2014 के बाद सरकार ने रसोई गैस सिलिंडर पर मात्र 36500 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी।
यह सब्सिडी डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाले सरकार के समय दी जाने वाली सब्सिडी के 12 से 15 प्रतिशत के बराबर है।
प्रवक्ता ने कहा कि मजेदार बात यह है कि मोदी सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलिंडर पर पांच प्रतिशत और कमर्शियल रसोई गैस सिलिंडर पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया है। इससे महंगाई लगातार आसमान छू रही है।
होली पर लोगों को घर पर खानपान बनाना कठिन हो जाएगा क्योंकि रसोई गैस की कीमत पहले ही बढ़ाई जा चुकी है। आटा 40 प्रतिशत बढ़ चुका है।
दूध पिछले एक साल में प्रति किलो आठ रुपये से ज्यादा बढ़ चुका है। मसालों और मेवों के दाम में 21 प्रतिशत का उछाल आ चुका है।
कमर्शियल गैस सिलिंडर एक साल में साढे तीन रुपए तक बढ़ चुका है। इस तरह से त्योहार पर लोग ना घर पर पकवान बना सकते हैं और ना बाहर से खरीद कर बने बनाए पकवान ला सकते है क्योंकि सभी के दाम आसमान छू रहे है।

