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Wednesday, January 21, 2026

‘‘गुजरात के ‘कालापानी’ के विकास की कहानी मोदी की जुबानी..”

इंडिया‘‘गुजरात के ‘कालापानी’ के विकास की कहानी मोदी की जुबानी..”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप की ‘आपदा को अवसर में बदलने’ की कहनी का सार-संक्षेप सार्वजनिक रूप से साझा किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र में भूकंप की ‘आपदा को अवसर में बदलने’ और पोस्टिंग के मामले में तबादले पर जाने वाले अधिकारियों के ‘कालापानी’ समझे जाने वाले कच्छ जिले को राज्य का सबसे तेजी से वृद्धि कर रहा जिला बनने की कहनी का सार-संक्षेप शनिवार को सार्वजनिक रूप से साझा किया।

श्री मोदी ने वर्ष 2023-24 के बजट पर राष्ट्रीय वेबीनार की श्रृंखला में आज बुनियादी ढांचा विकास और यातायात एवं परिवहन सुविधाओं के विकास विषय पर चर्चाओं का उद्घाटन करते हुए कहा, “जब किसी स्थान पर बुनियादी सुविधाओं को विकास होता है, तो वो अपने साथ विकास भी लेकर आता है। एक प्रकार से विकास पूरा पारिस्थितिकी तंत्र साथ-साथ अपने आप खड़ा होना शुरू हो जाता है।” उन्होंने इसी संदर्भ में कच्छ के 2001 के विनाशकारी भूकंप के बाद वहां के पुनर्विकास की एक संक्षिप्त कहानी कही। श्री मोदी उस समय नए-नए मुख्यमंत्री बने थे।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं जरूर जब अपने पुराने दिनों को याद करता हूं, जब कच्‍छ में भूंकप आया था। स्‍वाभाविक है कि सरकार के सामने इतना बड़ा हादसा आये तो पहले कल्‍पना रहती है, चलो भाई जल्‍दी से जल्‍दी काम इधर-उधर करके पूरा करो, सामान्य जीवन की रफ्तार की ओर चलो।”

उन्होंने कहा, “मेरे सामने दो रास्ते थे, या तो उस क्षेत्र को सिर्फ और सिर्फ राहत और बचाव के कार्यों के बाद, छोटी मोटी जो भी टूट-फूट है उसको ठीक कर करके उन जिलों को उनके नसीब पर छोड़ दें या फिर आपदा को अवसर में बदलूं, नई सोच के साथ कच्छ को आधुनिक बनाने की दिशा में जो कुछ भी हादसा हुआ है, जो कुछ भी नुकसान हुआ है, लेकिन अब कुछ नया करूं, कुछ अच्‍छा करूं, कुछ बहुत बड़ा करूं।”

श्री मोदी ने कहा , “मैंने राजनीतिक लाभ-गैर लाभ न सोचा, तत्‍काल हल्‍का–फुल्‍का काम करके निकल जाने का और वाहवाही लूटने का काम नहीं किया, मैंने लंबी छलांग लगाई, मैंने दूसरा रास्ता चुना और कच्छ में विकास के लिए बुनयादी ढांचे को अपने कार्यों का मुख्य आधार बनाया।”

उन्होंने कहा कि उस समय की गुजरात सरकार ने कच्छ के लिए राज्य की सबसे अच्छी सड़कें बनवाईं, बहुत चौड़ी सड़कें बनवाईं, बड़ी-बड़ी पानी की टंकियां बनवाईं, बिजली की व्यवस्था लंबे समय तक काम आए, ऐसी करी। श्री मोदी ने कहा, “उस समय बहुत लोग मुझे कहते थे, अरे इतने बड़े रोड़ बना रहे हो, पांच मिनट, दस मिनट में भी एक वाहन यहां आता नहीं है, क्‍या करोगे इसको बनाकर। इतना खर्चा कर रहे हो। ऐसा मुझे कह रहे थे। कच्‍छ में तो यानी एक प्रकार से नेगेटिव ग्रोथ था, लोग वहां छोड़ छोड़ करके कच्‍छ छोड़ रहे थे, पिछले 50 साल से छोड़ रहे थे।”

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बुनियादी सुविधा पर जो हमने निवेश किया, उस समय की आवश्‍यकता को छोड़ करके भविष्‍य की भी आवश्‍यकताओं को ध्‍यान में रख करके सारी योजना बनायी, आज उसका लाभ कच्छ जिले को अद्भुत मिल रहा है। आज कच्छ, गुजरात का सबसे तेज विकास करने वाला जिला बन गया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “जो (सीमावर्ती कच्छ इलाका) कभी अधिकारी की तैनाती किए जाने पर एक तरह से ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ (सताने के लिए तबादले की जगह) माना जाता था, ‘कालापानी’ की सजा बोला जाता था, वह आज सबसे ‘विकास वाला जनपद बन रहा है। इतना बड़ा क्षेत्र जो कभी वीरान था, वो अब वाइब्रेंट है और वहां की चर्चा आज पूरे देश में है। एक ही जिले में पांच तो एयरपोर्ट हैं।”

उन्होंने कहा कि इसका पूरा श्रेय अगर किसी को जाता है तो वो कच्छ में जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बना, आपदा को अवसर में बदला और तत्‍कालीन जरूरतों से आगे सोचा, उसका आज परिणाम मिल रहा है।

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