Friday, March 27, 2026

भारत को दुर्गा पूजा में बंगलादेश से मिलेगी 5,000 टन हिल्सा मछली

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बंगलादेश दुर्गा पूजा के अवसर पर भारत को 5,000 टन हिल्सा मछली निर्यात करने की योजना बना रहा है. इस साल भारत में हिल्सा का निर्यात करने के लिए 100 से ज्यादा कंपनियों ने वाणिज्य मंत्रालय में आवेदन किया है.

दुर्गा पूजा के अवसर पर बंगलादेश भारत को 5,000 टन हिल्सा मछली निर्यात करने की योजना बना रहा है. इतना ही नहीं निर्यात के लिए अनुमति प्राप्त संस्थानों के कामों पर भी सरकार की कड़ी नज़र होगी कि वे ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं.

बंगलादेश के वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़, पिछले साल सितंबर में 115 कंपनियों को भारत में कुल 4,600 टन हिल्सा निर्यात करने की इजाज़त मिली हुई थी लेकिन कई कंपनियों ने ऐसा नहीं किया. उससे पहले 2020 में सरकार की अनुमति से पहले खेप में 1,450 टन और फिर 400 टन हिल्सा का निर्यात किया गया था.

इस साल भारत में हिल्सा का निर्यात करने के लिए 100 से ज्यादा कंपनियों ने वाणिज्य मंत्रालय में आवेदन किया है, जिनमें से आंतरिक रूप से 50 कंपनियों का चयन किया गया है.

दुर्गा पूजा एक अक्टूबर से शुरू होगा.

इस उत्सव के दौरान आमतौर पर बंगलादेश भारत को हिल्सा मछली निर्यात करता है. यद्यपि 2012 से 2018 तक इस निर्यात को रोक दिया गया था लेकिन 2019 में इसे फिर से शुरू किया गया.

बंगलादेश के वाणिज्य सचिव तपन कांति घोष ने पिछले गुरुवार को कहा कि पिछले वर्ष भारत में 1,400 टन हिल्सा मछली का निर्यात किया गया था. उस समय, हिल्सा पकड़ने पर पाबंदी निर्यात के लिए एक बाधा थी.

पर इस वर्ष हमें ज़्यादा निर्यात होने की उम्मीद है. निर्यात अवधि को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है.

पिछली बार, बांग्लादेश से हिल्सा की पहली खेप बेनापोल-पेट्रापोल सीमा के रास्ते कोलकाता पहुंची थी. भारत में आमतौर पर 700 ग्राम से 1,200 ग्राम वज़न की हिल्सा मछली का निर्यात किया जाता है.

बंगलादेश के अलावा हिल्सा मछली भारत, म्यांमार, पाकिस्तान, ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड में पायी जाती है लेकिन स्वाद और टैस्ट के मामले में बंगलादेश की हिल्सा सबसे पसंदीदा मानी जाती है.

माना जा रहा है कि पिछले वर्ष निर्यात अच्छा नहीं होने के कारण मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स नाराज़ है.

पिछली बार मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स ने 73 कंपनियों को अनुमति देने के बावजूद भारत में हिल्सा मछली का निर्यात नहीं करने के लिए कहा था.

सूत्रों के मुताबिक़, निर्यात की मात्रा 03 से 40 टन के बीच थी. मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स ने कंपनियों को अधिकतम 40 टन हिल्सा निर्यात करने की अनुमति दी है. इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है.

बंगलादेश में प्रत्येक वर्ष अक्टूबर में 22 दिनों तक हिल्सा की निकासी, परिवहन, भंडारण, विपणन और खरीद-बिक्री पर पाबंदी होती है.

मत्स्यपालन और पशुधन मंत्रालय ने पिछले वर्ष चार से 25 अक्टूबर तक इस प्रतिबंध को लागू किया था. इस बार यह प्रतिबंध सात अक्टूबर से लगाया जाएगा.

निर्यातकों का कहना है कि पूजा और प्रतिबंध लगभग एक साथ आते हैं इसलिए निर्धारित समय में हिल्सा का निर्यात नहीं किया जा सकता है.

निर्यात के लिए समय और क्षमता का अभाव भारत में हिल्सा का एक्सपोर्ट नहीं करने के महत्वपूर्ण कारण हैं.

पिछले वर्ष निर्यातकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने हिल्सा के निर्यात की समयसीमा को बढ़ाकर नवंबर तक कर दिया था.

बांगलादेश फ्रोज़न फूड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (बीएफएफईए) के अनुसार, देश में प्रति वर्ष साढ़े पांच से छह लाख टन हिल्सा मछली का उत्पादन होता है. इसमें से चार से पांच हज़ार टन निर्यात किया जाता है. इससे 200 करोड़ टका के बराबर विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है.

शेख हसीना का भारत दौरा

बता दें कि बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत की चार दिवसीय यात्रा पर सोमवार को दिल्ली पहुंचेंगी.
इस दौरान भारत और बंगलादेश के बीच कई समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. इन समझौतों और एमओयू में जल प्रबंधन, रक्षा, रेलवे, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण शामिल होंगे.

ढ़ाका में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत यात्रा के दौरान हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगी और द्विपक्षीय वार्ता करेंगी.

उन्होनें कहा कि रक्षा सहयोग, निवेश, व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा, विद्युत और उर्जा क्षेत्रों में सहयोग, साझा नदी जल वितरण, जल संसाधन प्रबंधन, सीमा प्रबंधन, मादक पदार्थों और मानव तस्करी जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी.

अधिकारी ने कहा कि यूक्रेन संकट, वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी और कोविड-19 महामारी के बीच सुश्री हसीना का यह दौरा बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले बंगलादेशी प्रधानमंत्री कोविड महामारी से पहले 2019 में भारत की यात्रा आयी थीं.

बंगलादेश की सरकार ने कहा कि उनकी यात्रा दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना की अगामी दिल्ली यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंध स्थापित जिनमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध, आपसी विश्वास और समझ शामिल हैं.

प्रधानमंत्री के साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा, जिसमें कई मंत्री, सलाहकार, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.

बंगलादेशी प्रधानमंत्री के साथ वहां के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी आएंगे. प्रधानमंत्री भारतीय उद्योग महासंघ (सीआईआई) की एक व्यापारिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगी. सुश्री हसीना के भारत पहुंचने पर प्रधानमंत्री उनकी औपचारिक रूप से अगवानी करेंगे और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. वह राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगी.

सुश्री शेख हसीना की उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मिलने की संभावना है. हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के बाद में सुश्री शेख हसीना प्रधानमंत्री के दोपहर के भोज में भी शामिल होंगी.

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