जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रोफेसर डॉ. आसिफ उमर की पुस्तक ‘हिंदी साहित्य में मुस्लिम साहित्यकारों का योगदान’ का विमोचन मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रताप वैदिक की उपस्थिति में हुआ.
नयी दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. आसिफ उमर की पुस्तक ‘हिंदी साहित्य में मुस्लिम साहित्यकारों का योगदान’ का विमोचन मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रताप वैदिक की उपस्थिति में हुआ.
पुस्तक का प्रकाशन खुसरो फाउंडेशन ने किया है.
कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को हुआ जिसमें विशेष अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में हलीमा अजीज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अफरोजुल हक तथा निदेशक लेखा परीक्षा के डायरेक्टर मोहम्मद परवेज आलम उपस्थित रहे, जिसका संचालन प्रो. अख्तरुल वासे ने किया.
श्री वैदिक ने कहा कि यह पुस्तक गंगा-जमुनी तहज़ीब को समझने में अत्यंत सहायक होगी.
हिंदी भाषा और साहित्य की सेवा भारतियों ने बगैर भेदभाव के की है और हिंदी ने भी सभी को समान नजर से देखा है.
उन्होंने कहा कि डॉ. आसिफ़ उमर, हिंदी साहित्य के पूरे दौर का सफ़र करके पाठकों के सामने एक ज्ञानवर्धक और तथ्यपरक पुस्तक लाते हैं.
विमर्शों के इस दौर में इस तरह की पुस्तकों की बेहद आवश्यकता है.
यह पुस्तक समाज की उस एकता को दृष्टिगोचर करता है, जिसे किसी साहित्य की सीमा में नहीं बांधा जा सकता है.

