जदयू की तरफ़ से आयोजित दावत-ए-इफ़तार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आने के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के छोटे पुत्र तेजप्रताप यादव और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के पहुंचने से राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है.
पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता राबड़ी की इफ़तार पार्टी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शिरकत करने के बाद अब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की दावत-ए-इफ़तार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और विधायक तेजप्रताप के शामिल होने से प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है.
जदयू की तरफ़ से गुरुवार को पटना के हज भवन में आयोजित दावत-ए-इफ़तार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आने के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के ज्येष्ठ बेटे तेजप्रताप यादव एवं छोटे पुत्र और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी पहुंचे.
इफ़तार के बाद मग़रिब की नमाज़ अदा की गई, जिसमें दावत-ए-इफ़तार में शरीक मुख्यमंत्री समेत सभी रोज़ेदार ने प्रदेश, समाज और देश में अमन-चैन, शांति और भाईचारे का माहौल क़ायम रहने की दुआ मांगी. मुख्यमंत्री ने दावत-ए-इफ़तार में शामिल हुये विभिन्न दलों के नेताओं का स्वागत किया.
जदयू के दावत-ए-इफ़तार में तेजस्वी और तेजप्रताप के पहुंचने और इससे पहले आज ही राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की तरफ़ से मुखमंत्री श्री कुमार को राजद में शामिल होने की पेशकश ने प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है.
श्री सिंह ने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री श्री कुमार डा० राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर के बताए रास्ते पर चलने को तैयार हैं तो उनका राजद में स्वागत है. साथ ही उन्हें तेजस्वी यादव का नेतृत्व भी स्वीकार करना होगा.
उन्होंने कहा, “श्री कुमार ने कई भूल की है. यदि वह सुधार करते हैं तो हम उन्हें अपने साथ ला सकते हैं.”
इन सियासी घटनाक्रम के बीच चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सज़ा काट रहे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को झारखंड उच्च न्यायालय से ज़मानत मिल चुकी है.
इसके बाद गुरुवार को रांची स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की विशेष अदालत ने भी कोर्ट उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया है.
राजनीतिक विश्लेषक मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में राजद सुप्रीमो की ज़मानत को प्रदेश में बड़े राजनीतिक फेरबदल का संकेत मान रहे हैं.

