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Wednesday, January 21, 2026

स्कूलों के अंदर खुले आम आदमी स्कूल क्लीनिक

इंडियास्कूलों के अंदर खुले आम आदमी स्कूल क्लीनिक

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ यहाँ मोती बाग स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में 20 आम आदमी स्कूल क्लीनिक का उद्घाटन किया

दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सोमवार को आम आदमी स्कूल हेल्थ क्लीनिक लॉन्च किया, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में देश का पहला ऐसा क्लीनिक है.

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ यहाँ मोती बाग स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में 20 आम आदमी स्कूल क्लीनिक का उद्घाटन किया.

ये 20 क्लीनिक दिल्ली सरकार द्वारा द हंस फाउंडेशन के सहयोग से लागू की गई एक पायलट परियोजना का हिस्सा हैं.

इस अवसर श्री सिसोदिया ने कहा कि यह पहल शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है.

वहीं, जैन ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं इस देश के भविष्य को कैसे प्रभावित करेंगी.

उन्होंने कहा कि आम आदमी स्कूल क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक के मॉडल का विस्तार है और हमारे स्कूली छात्रों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है.

मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाएगा

इसके अलावा पहली बार आम आदमी स्कूल क्लीनिक के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाएगा. एक स्वस्थ मन एक स्वस्थ समाज और अंततः एक स्वस्थ राष्ट्र बनाने में योगदान देगा.

आम आदमी स्कूल क्लीनिक, स्कूल के परिसर के भीतर ही पोर्टा केबिन में बनाया गया एक क्लीनिक है. प्रत्येक क्लीनिक में एक प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स, मनोवैज्ञानिक चिकित्सक और एक सहायक कर्मचारी होगा.

किसी भी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्या के लिए छात्रों की स्क्रीनिंग नर्स द्वारा की जाएगी. शारीरिक स्वास्थ्य की समस्या के मामले में, नर्स छात्र को डॉक्टर के पास भेजेंगी और यदि छात्र को कोई मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मदद की जरूरत हो तो मनोवैज्ञानिक के पास.

ये आम आदमी स्कूल क्लीनिक छात्रों को उनकी समस्याओं का समाधान करने में मदद करेंगे ताकि इन समस्याओं का जल्द से जल्द निदान किया जा सके और इसके लिए आवश्यक और समय पर उपचार प्रदान किया जा सके. इसका इस देश के भविष्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि स्वस्थ बच्चे एक स्वस्थ देश बनाने की दिशा में योगदान देंगे.

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