4 महीनों बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि, करीब 80-80 पैसे प्रति लीटर की बढोतरी की गयी है, विपक्ष ने इसी को लेकर राज्यसभा में हंगामा किया.
नयी दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के कीमतों में वृद्धि को लेकर राज्यसभा में मंगलवार को विपक्ष ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले 12:00 बजे तक और फिर दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी जिससे शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका.
शून्यकाल में हुये स्थगन के बाद कार्यवाही शुरू होते की उप सभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की लेकिन विपक्ष के तृणमूल कांग्रेस समेत कई अन्य पार्टियों के हंगामे के कारण उन्होंने चंद मिनटों में ही कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
उल्लेखनीय है कि 137 दिनों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर की बढोतरी की गयी है.
विपक्ष इसी को लेकर हंगामा कर रहा था.
इससे पहले सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सदन में आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाने के बाद कहा कि उन्हें नियम 267 के अंतर्गत कई सदस्यों के नोटिस मिले हैं जिन्हें खारिज कर दिया गया है.
इसके बाद उन्होंने शून्यकाल शुरू कराने का प्रयास किया तो तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन, सुष्मिता देव तथा अन्य सदस्य नारे लगाते हुए सभापति के आसन के समक्ष आ गए.
इनके समर्थन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों के सदस्य अपनी-अपनी जगह पर खड़े होकर ज़ोर-ज़ोर से बोलने लगे.
तृणमूल कांग्रेस के सदस्य अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए थे.
श्री नायडू ने सदस्यों से अपने स्थानों पर वापस जाने और शांत होने अपील की लेकिन इसका सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी.

