रूस और यूक्रेन के बीच घमासान युद्ध से चारों ओर तबाही का मंज़र है. युद्ध ने तीसरे विश्व युद्ध के हालात पैदा कर दिए हैं. ऐसे में जानना जरूरी है कि इस विवाद में कौन सा देश किसके पक्ष में है?
रूस और यूक्रेन के बीच घमासान जंग जारी है. दोनों देशों की सेनाएं अपना मोर्चा संभाली हुई हैं. चारों ओर तबाही का मंज़र नज़र आ रहा है. अगले कई दिनों में यह जंग निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है. युद्ध ने यूरोप में महायुद्ध व तीसरे विश्व युद्ध के हालात पैदा कर दिए हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर इस विवाद में कौन देश किधर है?
यूरोपीय संघ रूस पर लगाएगा अतिरिक्त प्रतिबंध
यूरोपीय संघ ने यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान के विरोध में रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का राजनीतिक निर्णय लिया है. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.
एक विशेष यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद मिशेल ने कहा, ‘हमने रूसी शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का राजनीतिक निर्णय लिया है, जो उनके लिए दर्दनाक साबित होगा.’ उन्होंने बताया, ‘हमने यूक्रेन के लोगों के लिए वित्तीय क्षमता और मानवीय सहायता जुटाने पर भी चर्चा की है.’
ताइवान ने भी रूस पर लगाया प्रतिबंध
यूक्रेन में रूस के विशेष सैन्य अभियान के विरोध में अब ताइवान ने भी रूस पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है. यहां के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.
मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है, ‘सरकार को इस बात का गहरा खेद है कि रूस ने शांतिपूर्ण कूटनीतिक वार्ताओं के माध्यम से विवादों को सुलझाने के बजाय दूसरों को डराने-धमकाने के लिए बल प्रयोग करने का विकल्प चुना है. रूस यूक्रेन के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को जल्द से जल्द रोके और सभी संबंधित पक्षों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत को फिर से शुरू करे, इसके मद्देनजर चीनी गणराज्य (ताइवान) की सरकार रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों में शामिल होने की घोषणा करता है.’
यूक्रेन को सैन्य उपकरण, वित्तीय सहायता देगा फ्रांस
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को कहा कि फ्रांस यूक्रेन को सैन्य उपकरण और 33 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता मुहैया कराएगा.
एक विशेष यूरोपीय शिखर सम्मेलन के बाद श्री मैक्रों ने कहा, ‘फ्रांस एक अतिरिक्त प्रयास के रूप में यूक्रेन के नागरिकों के लिए अतिरिक्त 33 करोड़ डॉलर और सैन्य समर्थन प्रदान करने के लिए तैयार है.’
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पहले बहुत कम समय के लिए मेरी बात हुई थी. बाद में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की द्वारा युद्ध को शीघ्र समाप्त करने के आह्वान और जेलेंस्की संग बात करने के उन्हें प्रस्ताव दिए जाने पर भी बात होनी थी, लेकिन पुतिन संग हमारा संपर्क नहीं हो पाया.’
वर्ल्ड बैंक यूक्रेन को तत्काल मदद देने के लिए तैयार
उधर विश्व बैंक अध्यक्ष डेविड माल्पस ने गुरुवार को कहा कि बैंक रूस के साथ जारी संघर्ष के बीच यूक्रेन को तत्काल वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार है.
श्री माल्पस ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा, ‘हम यूक्रेन को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं और इस तरह के समर्थन के लिए अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जिसमें तेजी से संवितरण किया जाना भी शामिल है.
हमारे विकास भागीदारों के साथ विश्व बैंक समूह तत्काल प्रतिक्रिया के लिए हमारे सभी वित्तपोषण और तकनीकी सहायता उपकरणों का उपयोग करेगा.’
श्री माल्पस ने कहा कि विश्व बैंक फिलहाल यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ ‘सक्रिय बातचीत’ में लगा हुआ है ताकि यूक्रेन के लिए समर्थन जुटा सके और अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें.
यूक्रेन में स्व-घोषित गणराज्य डोनेट्स्क और लुहान्स्क ने यूक्रेनी सेना द्वारा चलाए जा रहे हमलों से उन्हें बचाने का अनुरोध किया तो इसे देखते हुए गुरुवार तड़के रूस ने यहां विशेष सैन्य अभियान की शुरुआत कर दी.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस दौरान कहा कि इस अभियान का मकसद यूक्रेन के सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना है, इससे आम नागरिकों को कोई खतरा नहीं है. मॉस्को ने कहा कि यूक्रेन पर कब्जा करने की उनकी कोई योजना नहीं है.
रूस द्वारा परमाणु हथियारों के प्रयोग का खतरा नहीं
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को डोनबास सैन्य अभियान के बीच रूस के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा बढ़ने की आशंका नहीं है.
जब सुश्री साकी से एक प्रेस वार्ता के दौरान पूछा गया कि क्या रूस द्वारा परमाणु हथियारों के उपयोग का खतरा है, तो उन्होंने कहा, “इस समय हम इस संबंध में कोई बढ़ा हुआ खतरा नहीं देख रहे हैं.”
उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अमेरिका यूक्रेन के शरणार्थियों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, हालांकि इनके ज्यादातर यूरोप में ठहरने की उम्मीद जताई जा रही है.एक पत्रकार द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका यूक्रेन से शरणार्थियों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, सुश्री साकी ने कहा, “हम हैं, लेकिन हम निश्चित रूप से इस बात की उम्मीद जता रहे हैं कि इनमें से बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन कई आसपास स्थित यूरोपीय देशों में जाना चाहेंगे.”

