इज़रायली प्रधानमंत्री नाफ़्ताली बेनेट ने हिंसा भड़काने वाला बयान कहा जिसमे वह फ़िलिस्तीनी देश की स्थापना का विरोध करते हैं.
फ़िलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतयेह ने कहा है कि इज़रायली प्रधानमंत्री नाफ़्ताली बेनेट का फ़िलिस्तीनी देश की स्थापना को खारिज करने संबंधी बयान ‘हिंसा भड़काने वाला और इज़रायली सरकार के अमन-विरोधी रुख का सबूत’ है.
श्री शतयेह ने सोमवार को फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक के बाद दिये गए आधिकारिक बयान में यह बात कही.
इज़रायली मीडिया के अनुसार श्री बेनेट ने शुक्रवार को कहा था कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं तब तक कोई ‘ओस्लो’ नहीं होगा.
ओस्लो 1993 में इज़रायल और फ़िलिस्तीन के बीच हुए शांति समझौते का नाम है.
उन्होंने यह भी कहा कि वह फ़िलिस्तीनी देश की स्थापना का विरोध करते हैं और वह इसकी स्थापना का मार्ग प्रशस्त करने वाली किसी राजनीतिक बातचीत की अनुमति नहीं देंगे.
इसके जवाब में श्री शतयेह ने कहा कि बातचीत से इनकार ‘हमारे और पूरी दुनिया के सामने बेनेट सरकार के चरमपंथ और शांति-विरोधी रुख का सबूत है.
उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय संघ का आह्वान किया कि वे पूर्वी यरूशलेम में इज़रायली बस्तियों की स्थापना पर रोक लगाने के लिए हस्तक्षेप करें.
इज़रायल और फ़िलिस्तीन के बीच प्रत्यक्ष शांति वार्ता 2014 में इजराइली बस्तियों पर हुए विवाद के बाद बंद हो गई थीं.

