नरेश पुरोहित ने कहा कि पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेले के बीच कोविड वेरिएंट ओमीक्रोन का खतरा काफी बढ़ गया है. कोरोना से डॉक्टरों और नर्सोँ के संक्रमित होने से राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जायेगी.
कोलकाता: वरिष्ठ महामारी विज्ञानी एवं पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्विवद्यालय के प्रोफेसर नरेश पुरोहित ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर के बीच पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेले से इसके संक्रमण के मामले बेतहाशा बढ़ने के साथ यहां लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है.
प्रो पुरोहित ने कहा कि सिटी ऑफ जॉय कोलकाता में अनियमित सभाएं कोविड -19 मामलों में वृद्धि के प्रमुख कारणों में से हैं.
बंगाल में कोरोना विस्फोट, एक्सपर्ट ने उठाया गंगासागर मेले पर सवाल
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— Kolkata Hindi News (@hindi_kolkata) January 9, 2022
वहीं हाल ही में संपन्न कोलकाता नगर निगम चुनाव, क्रिसमस और नये साल के जश्न का आयोजन संक्रमणों के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि का प्रमुख कारण है.
उन्होंने कहा, “कोलकाता की स्थिति बहुत चिंताजनक है. हमारे पास जिस तरह का स्वास्थ्य ढांचा है वह पर्याप्त नहीं है.
राज्य में 1,000 से अधिक डॉक्टरों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है.”
उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो मत नहीं कि महानगर के शहरी इलाकों के अधिक प्रभावित होने की संभावना है और अब प्रशासन गंगासागर मेले में व्यस्त है.
यदि नियमित परीक्षण किया जाये तो निश्चित रूप से प्रतिदिन एक लाख के पॉजिटिव मामले सामने आयेंगे.
उन्होंने चिंता जतायी कि कोरोना वायरस से डॉक्टरों और नर्सोँ के संक्रमित होने से राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जायेगी.
उन्होंने कहा, “क्वारंटीन अवधि 10 दिन पहले से घटाकर सात दिन कर दी गयी है जिससे लगता है कि प्रशासन भी चाहता है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता जल्द से जल्द काम पर लौट आयें.”

