आरआरबी की एनटीपीसी परीक्षा परिणाम में धांधली को लेकर बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से बिहार में कोचिंग संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने पर राष्ट्रीय जनता दल ने ऐतराज जताया.
पटना: रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) परीक्षा परिणाम में कथित धांधली को लेकर बिहार में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से बिहार में कोचिंग संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने पर बिहार की मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कड़ा ऐतराज जताया है.
राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शिवानन्द तिवारी ने गुरुवार को यहां कहा कि पुलिस को शिक्षकों के बदले रेलवे बहाली बोर्ड पर मुक़दमा दर्ज करना चाहिए.
बोर्ड के अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों को इस मामले में अभियुक्त बनाया जाना चाहिए.
श्री तिवारी ने कहा, “स्वंय रेल मंत्री ने क़ुबूल किया है कि लड़कों की शिकायत जायज है. इस मामले में बहाली बोर्ड ने अपराधिक लापरवाही बरती है. इन्हीं की वजह से लड़कों में उत्तेजना फैली. बहाली बोर्ड के पदाधिकारियों से मिल कर कोचिंग वालों ने गलती की ओर ध्यान दिला दिया था. बोर्ड से अनुरोध किया गया था कि गलती को सुधारिए अन्यथा लड़के रेल की पटरियों पर उतर सकते हैं. लेकिन, अफ़सरी अहंकार में बोर्ड वालों ने अपनी गलती नहीं सुधारी. फलस्वरूप परिणाम सबके सामने है, इसलिए पुलिस द्वारा कोचिंग चलाने वालों पर केस दर्ज करना बिलकुल ग़लत है.”
उन्होंने कोचिंग संचालकों पर दर्ज हुआ मुक़दमा हटाने की मांग की.
साथ ही बहाली बोर्ड के अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों और पदाधिकारियों पर मुक़दमा दर्ज करने की मांग की.
उल्लेखनीय है कि पटना पुलिस ने लोकप्रिय शिक्षक खान सर के साथ ही एस. के. झा, नवीन, अमरनाथ, गगन प्रताप, गोपाल वर्मा और राजधानी के बाजार समिति स्थित विभिन्न कोचिंग संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अभ्यर्थी किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने पुलिस के सामने बयान दिया था.
इसी बयान के आधार पर पटना पुलिस ने भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत कोचिंग संचालकों पर मामला दर्ज किया है.

