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Wednesday, January 21, 2026

‘आज तक’ चैनल को ‘ईमानदार’ से तंज़ करने वाले अखिलेश और पूरे विपक्ष से कई सुलगते सवाल

इंडिया'आज तक' चैनल को ‘ईमानदार’ से तंज़ करने वाले अखिलेश और पूरे विपक्ष से कई सुलगते सवाल

अखिलेश यादव के साथ चर्चा के दौरान ‘आज तक’ चैनल को ‘ईमानदार’ बता दिया, जिस पर वहां मौजूद एंकर अंजना ओम कश्यप ने भड़कते हुई वो बहस करने पर उतारू हो गईं।

नई दिल्ली: ‘आज तक’ चैनल के लखनऊ कॉन्क्लेव में चर्चा के दौरान यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे ‘ईमानदार’ बता दिया, जिस पर वहां मौजूद एंकर अंजना ओम कश्यप ने ना सिर्फ आपत्ति जताई बल्कि भड़कते हुई वो बहस करने पर उतारू हो गईं।

पहले तो अंजना ने इस तंज़ को मुस्कुराकर टालने की कोशिश कि लेकिन ज़्यादा देर तक ये उनसे नहीं सुना गया और वो गुस्सा हो गईं और फिर पलट कर पूछ लिया कि आपने हमको ईमानदार क्यूँ कहा?

गुस्से में अंजना ओम कश्यप ने अखिलेश यादव को खूब खरी-खोटी सुनाई और अखिलेश यादव एक और तंज़ करने पर मजबूर हो गए और फिर कहा कि चलिए आज से मैं आपको इमानदार नहीं कहूंगा.

सवाल ये है कि ईमानदार कहने पर अंजना ओम कश्यप क्यों भड़क गईं?

कहीं उन्हें शक तो नहीं था कि अखिलेश यादव उन पर तंज कर रहे हैं.

इस पर एक न्यूज पोर्टल ‘बोलता हिंदुस्तान’ ने काफी दिलचस्पत टिप्पणी करते हुए लिखा है कि: “आखिर ऐसे कैसे कोई आकर उस चैनल को ईमानदार बोल कर चला जाएगा जिसने बेईमानी की सारी हदें पार कर दी है. आखिर ऐसे कैसे कोई आकर उस चैनल को प्रतिष्ठित बोल देगा जिसने प्रतिष्ठा तो छोड़ो शर्म और लाज भी ताक पर रख दी है.“

पोर्टल में आगे लिखा है कि: “आखिर ऐसे कैसे कोई आकर उस चैनल के एंकरों को सच्चा बोल देगा जिन्होंने पूरी मेहनत से, पूरी शिद्दत से, झूठ बोलने का काम किया हो. बिल्कुल ये सवाल अखिलेश यादव से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने इस चैनल को ईमानदार क्यों कहा?”

अखिलेश यादव द्वारा आज तक को ‘ईमानदार’ कहकर तंज़ करने पर ‘बोलता हिंदुस्तान’ के लेखक समर राज लिखते हैं: “कोबरापोस्ट के स्टिंग में कैमरे के सामने इक्स्पोज़ हो चुका है जो चैनल, उसको इन्होंने ईमानदार क्यों कहा? इन्हीं की सरकार के खिलाफ 56 एसडीएम के यादव होने के झूठ को फैला चुका है जो चैनल, उसको इन्होंने सच्चा क्यों कहा?”

फिर समर राज आगे न सिर्फ अखिलेश यादव बल्कि पूरे विपक्ष से एक के बाद एक कई सुलगते सवालों के बोछाड़ कर डालते हैं.

वो लिखते हैं कि: “झूठ और दुष्प्रचार के आरोप में इस चैनल पर अभी तक कोई केस क्यों नहीं किया है? नफरत और दंगाई भाषा के लिए इस चैनल का सामूहिक बहिष्कार क्यों नहीं किया है? किसानों के खिलाफ प्रोपगेंडा चलाने के बाद भी ऐसे चैनल पर चर्चा का निमंत्रण स्वीकार क्यों किया है?”

उन्होंने ने कहा कि ये सवाल सिर्फ अखिलेश यादव से नहीं है.

विपक्ष के तमाम छोटे-बड़े नेताओं से है. गांव गली बूथ तक काम कर रहे हो उनके कार्यकर्ताओं से है.

सिविल सोसाइटी और सामाजिक कार्यकर्ताओं से है.

करोड़ों की संख्या में मौजूद आम जनता से है, मतदाताओं से है कि आप इन टीवी चैनलों को ईमानदार और प्रतिष्ठित कहने का कोई भ्रम ही क्यों पाल रहे हैं?

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