एआईएमआईएम के चीफ असादुद्दीन ओवैसी ने लोक सभा और बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अखतरुल ईमान ने विधान सभा में मदरसा शिक्षकों की तनख़्वाह और उर्दू टेट पास अभ्यर्थियों की बहाली के सवाल उठाए.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट जनाब असदुद्दीन ओवैसी साहब ने गुरुवार को संसद में उत्तर प्रदेश में मदरसा के 50 हजार शिक्षकों की तनख़्वाह का प्रश्न उठाया.
उन्होंने ने कहा कि “केंद्र सरकार की ‘मदरसा आधुनिकीकरण योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश में 50 हजार शिक्षकों को अब तक तनख़्वाह नहीं मिली है। कई शिक्षकों को उनकी तनख़्वाह का केंद्र सरकार से मिलने वाला हिस्सा 5 साल से नहीं मिला है। सरकार ने 5 साल में उत्तर प्रदेश को कितना पैसा दिया और इस साल कितना देगी?”
THREAD: केंद्र सरकार की 'मदरसा आधुनिकीकरण योजना' के तहत उ.प्र में 50 हजार शिक्षकों को अब तक तनख़्वाह नहीं मिली है।कई शिक्षकों को उनकी तनख़्वाह का केंद्र सरकार से मिलने वाला हिस्सा 5 साल से नहीं मिला है।सरकार ने 5 साल में उत्तर प्रदेश को कितना पैसा दिया और इस साल कितना देगी? 1/3 pic.twitter.com/UYm6WjpM8X
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) December 2, 2021
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘Question Hour’ के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने मुझे इस सवाल को मुख़्तसर तौर पर उठाने की इजाज़त दी थी और श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने मुख़्तसर सा जवाब दिया लेकिन हमारे सीधे सवाल का हमें सीधा जवाब नहीं मिला.
उन्होंने ने आगे लिखा कि इस्मत आरा की इस रिपोर्ट की बुनियाद पर मैंने श्री मुख़्तार अब्बास नक़वी को पत्र भी लिखा था। मंत्री जी ने इस बात को भी स्वीकारा कि उन्हें ये पत्र मिला था.
बता दें कि उत्तर प्रदेश में 50 हजार ऐसे मदरसा शिक्षकों को अब तक तनख़्वाह नहीं मिली है जिसका एक भाग केंद्र सरकार से मिलना था.
उधर एआईएमआईएम बिहार के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक श्री अखतरुल ईमान ने भी शीतकालीन सत्र के चौथे दिन कटौती प्रस्ताव में उर्दू टेट पास अभ्यर्थियों की बहाली, मदरसा, लाइब्रेरी, शिक्षकों की तनख़्वाह की बढ़ोतरी, AMU किशनगंज को केंद्र सरकार से फंड दिलाने की सिफारिश जैसे कई शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे को रखा.

