Tuesday, March 31, 2026

नागरिक पंजीकरण अभिलेखों का एकीकृत डेटाबेस रखने और राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने का प्रावधान

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नित्यानंद राय ने कहा कि संशोधित मसौदे में राज्य स्तर पर नागरिक पंजीकरण रिकार्डों का इकट्ठा डेटाबेस रखने और उसे राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस के साथ जोड़ने का प्रावधान शामिल है.

नयी दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में संशोधन के मसौदे में राज्य स्तर पर नागरिक पंजीकरण अभिलेखों का एक एकीकृत डेटाबेस (जानकारी) रखने और उसे राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस के साथ जोड़ने का प्रावधान किया गया है.

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा, “संबंधित मंत्रालयों / विभागों और सभी राज्य सरकारों / संघ राज्य क्षेत्रों के साथ परामर्श के बाद जन्म और मुत्यु पंजीकरण (आरबीडी) अधिनियम 1969 का संशोधित मसौदा दिनांक 18.10.2021 से 02.12.2021 तक टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया गया था.”

मंत्री ने कहा कि आरबीडी अधिनियम 1969 के तहत जन्म और मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य है और वर्ष के दौरान पंजीकृत जन्म और मृत्यु पर एक सांख्यिकीय रिपोर्ट प्रकाशित करना मुख्य रजिस्ट्रार का दायित्व है.

श्री राय ने कहा कि संशोधित मसौदे में राज्य स्तर पर नागरिक (सिविल) पंजीकरण रिकार्डों का एक सकीकृत डेटाबेस रखने और उसे राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस के साथ जोड़ने का प्रावधान शामिल है.

उन्होंने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2015 से 30 सिंबर 2021 तक भारत के 8,81,254 नागरिकों ने भारतीय नागरिकता का त्याग किया.

वर्ष 2021 में अब तक भारतीय नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या 1,11,287 है.

वर्ष 2020 में 85,248 लोगों ने भारतीय नागरिकता का त्याग किया था.

नागरिकता नियम 2009 के नियम 23 के अनुपालन के साथ नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा आठ के प्रावधानों के अनुसार भारत की नागरिकता का त्याग किया जा सकता है.

नागरिकता छोड़ने वालों की आसानी के लिए अगस्त 2021 में एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है.

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