छात्रों ने कोरोना के बढ़ने की आशंका का हवाला देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा कराने की मांग की जिसे सीबीएसई और आईसीएसई ने अस्वीकार किया था इसी ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में स्कूली छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
नयी दिल्ली: केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और आईसीएसई की 10वीं और 12वीं की आवधिक परीक्षा सिर्फ ऑफलाइन माध्यम से (कक्षा में बैठकर) ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में कई छात्रों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
छात्रों ने कोरोना महामारी के बढ़ने की आशंका का हवाला देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ऑनलाइन माध्यम से भी परीक्षा कराने की मांग की है।
सीबीएसई 16 नवंबर से और आईसीएसई 22 नवंबर से परीक्षाएं आयोजित करने जा रही है।
अभ्युदय चकमा समेत छह छात्रों ने दायर याचिका में कहा गया है कि ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित करने से कोरोना महामारी की चपेट में आने खतरा बढ़ जाएगा।
ऐसे में सिर्फ ऑफलाइन माध्यम से परीक्षाएं आयोजित करना उनके स्वास्थ्य के अधिकार का उल्लंघन है।
याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा के संबंध में जारी आदि सूचनाओं को रद्द करने और उनकी जगह संशोधित अधिसूचना जारी करने का आदेश सरकार को देने की अदालत से गुहार लगाई है।
सीबीएसई आईसीएसई के छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया; ऑनलाइन, ऑफलाइन मोड में होल्डिंग टर्म I सीबीएसई आईसीएसई परीक्षा की तलाश करें https://t.co/x2XruhjKHE
— News Kulwant Vision (@KulwantVision) November 11, 2021

