बिहार में पत्रकारों पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं. चार महीना पहले भी सिवान में एक पत्रकार को जलाकर मार डाला गया था. संगठनों ने कहा कि बिहार में पत्रकार की हत्या और हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे.
बिहार में फर्जी अस्पतालों और नर्सिंग होम की असलियत उजागर करने पर पत्रकार की बेरहमी से हत्या के बाद नीतीश कुमार सरकार के प्रशासन की सच्चाई अब सामने आ गई.
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) और दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने बिहार के मधुबनी में 24 वर्षीय पत्रकार अविनाश झा की अपहरण के बाद जलाकर की गई हत्या को लेकर भारी रोष जताया है.
संगठनों ने आज कहा है कि बिहार में पत्रकारों पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं.
चार महीना पहले भी सिवान में एक पत्रकार को जलाकर मार डाला गया था. उन्होंने कहा कि बिहार में पत्रकारों पर हमलों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए जाएंगे.
इंटरनेशनल फ़ेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स से संबद्ध एनयूजेआई के अध्यक्ष रास बिहारी, दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश थपलियाल और महासचिव के पी मलिक ने कहा है कि बिहार में जिस तरह से फर्जी अस्पतालों और नर्सिंग होम की असलियत उजागर करने पर पत्रकार को बेरहमी से मारा गया, उससे राज्य की नीतीश कुमार सरकार के प्रशासन की सच्चाई सामने आ गई है.
बिहार के मधुबनी जिले में एक स्थानीय युवा पत्रकार का अधजला शव मिला है। बिहार की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। अपराधियों के अंदर से डर पूरी तरह से खत्म हो गया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक सूचना का अधिकार लागू होने के बाद से 20 RTI कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।— Shashi Bhushan Jha (@ShashiB13321799) November 16, 2021
एनयूजेआई के अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा है कि बिहार में पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं.
उन्होंने बिहार सरकार से पत्रकार अविनाश झा के परिजनों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की है.
डीजेए के अध्यक्ष राकेश थपलियाल और महासचिव के पी मलिक ने कहा है कि पत्रकारों पर हमलों के खिलाफ़ जल्दी ही दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा.
बता दें कि एक तरफ़ भारत में 16 नवंबर को प्रेस दिवस मनाने की तैयारियां हो रही हैं तो दूसरी तरफ़ पत्रकारों की हत्या, गिरफ्तारी और तमाम पाबंदियों के खिलाफ़ पत्रकार जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं.
