काबुल में रहने वाले सिख गुरनाम सिंह ने बताया कि 15-16 अज्ञात हथियारबंद लोग अपराह्न गुरुद्वारा करते परवान में घुस आये और वहां ड्यूटी पर तैनात तीन गार्ड के हाथ-पैर बांध दिये और महंगे सीसीटीवी कैमरें भी तोड़ दिए।
काबुल/नयी दिल्ली: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित गुरुद्वारा करते परवान में मंगलवार को भारी हथियारों से लैस उपद्रवियों का एक समूह घुस गया और सीसीटीवी कैमरों को तोड़ने तथा ड्यूटी पर तैनात तीन गार्ड को बंधक बनाने के बाद परिसर से बाहर निकल गया।
काबुल में रहने वाले एक अफगानिस्तानी सिख गुरनाम सिंह ने यूनीवार्ता को फोन पर बताया कि 15-16 अज्ञात हथियारबंद लोग आज अपराह्न गुरुद्वारा करते परवान में घुस आये और वहां ड्यूटी पर तैनात तीन गार्ड के हाथ-पैर बांध दिये।
Footage of unarmed gunmen entering the #KarteParwan gurudwara in Kabul earlier today.
The #Taliban has denied responsibility for the incident. pic.twitter.com/4v7Ugylb8b
— Dhairya Maheshwari (@dhairyam14) October 5, 2021
उन्होंने बताया कि उपद्रवियों ने सीसीटीवी तोड़ दिये। स्थानीय अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और वे गुरुद्वारे में पहुंच गये हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारी नुकसान का निरीक्षण कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तीनों गार्ड मुस्लिम थे। हथियारबंद लोग दोपहर करीब 3.15 बजे गुरुद्वारे में दाखिल हुए।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे महंगे हैं, जिनकी कीमत डेढ़ लाख रुपये से अधिक है। इससे पहले, इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने बताया कि अज्ञात भारी हथियारों से लैस तालिबानियों का एक समूह काबुल स्थित गुरुद्वारा करते परवान में घुस गया।
उन्होंने गुरुद्वारे में मौजूद लोगोंं को हिरासत में ले लिया। हमलावरों को पहले गलती से अफगान सिख समुदाय का सदस्य समझ लिया गया था।
श्री चंडोक ने कहा, “स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने गुरुद्वारे के सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया है और गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की है। स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन मौके पर पहुंच गया है।”
उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि तालिबानियों ने न केवल पवित्र स्थान की पवित्रता भंग की बल्कि तोड़फोड़ भी की।
उन्होंने अफगानिस्तान में रह रहे हिंदू और सिख भाइयों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

