Friday, March 13, 2026

कूचबिहार की घटना के लिए अमित शाह जिम्मेदार, कल करेगी कूच बिहार का दौरा

Share

 

घटना के बाद चुनाव आयोग ने कूच बिहार के शीतलकुची में बूथ में मतदान रोक दिया है। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा जानती है कि वह जीत हासिल नहीं कर सकती है। इसलिए हिंसा का सहारा ले रही है।

कलकत्ता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि कूचबिहार की घटना के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ठहराया और केंद्रीय बलों की फायरिंग में मारे गए 4 लोगों के लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं।

श्रीतमी बनर्जी ने कहा कि कूचबिहार के शीतलकुची में मतदाताओं पर केंद्रीय बलों की ओर से की गयी फायरिंग की वह अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) से जांच करायेंगे।

श्रीमती बनर्जी ने यहां एक जन सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि आज की घटना के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरी तरह जिम्मेदार हैं तथा वह खुद इसके साजिशकर्ता हैं। उन्होंने कहा,“ हम श्री शाह से इस्तीफे की मांग करते हैं।”

तृणमूल प्रमुख ने कहा कि वह केंद्रीय बलों को दोष नहीं देती क्योंकि वे गृह मंत्री के आदेश के तहत काम करते हैं। उन्होंने कूचबिहार में मतदाताओं पर आत्मरक्षा में फायरिंग किये जाने के केंद्रीय बलों के दावों पर भी सवालिया निशान लगाये।

श्रीमती बनर्जी ने कहा,“ इतने लोगों की मौत होने पर चुनाव आयोग कह रहा है कि केन्द्रीय बलों ने आत्मरक्षा के लिए गोली चलायी। उन्हें शर्म आनी चाहिए। यह सरासर झूठ है।”

श्रीमती बनर्जी ने कहा कि वह रविवार पूर्वाह्न 10 बजे माताबंगा अस्पताल जायेंगी जहां से वह अलीपुरद्वार भी जायेंगी। उन्होंने कहा कि आज वह कूचबिहार नहीं जा सकतीं क्योंकि चुनाव के कारण वहां आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने सीआईएसएफ जवानों के घटना में शामिल होने को लेकर एक बयान जारी किया है। पार्टी ने इन घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

बयान में कहा गया, “सुबह से ही भाजपा के उपद्रवियों ने लोगों के वोट देने के अधिकार को बाधित कर दिया था, जबकि सीआरपीएफ मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रभावित कर रही थी। यह घटना बूथ नंबर 126, माताबंगा 1 ब्लॉक, शीतलकुची में हुई। जब तृणमूल कार्यकर्ता यह जानने के लिए गए कि लोगों को वोट देने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है, तो भाजपा के उपद्रवियों ने अराजकता का माहौल पैदा करते हुए उन पर हमला किया, जिसके बाद सीआरपीएफ ने गोलियां चलायीं जिसमें तृणमूल के पांच कार्यकर्ताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी।”

बयान के मुताबिक, “यह भी दुखद है कि चुनाव आयोग अभी भी इस नृशंस हमले पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। हम इस पुलिस-आदेशित हत्या के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हैं। शर्मनाक है कि केंद्रीय बल वर्दी में गुंडों की तरह काम कर रहा है।”

[हम्स लाईव]

Read more

Local News